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शनिवार, 16 अगस्त || एलिय्याह की तरह प्रार्थना करें!

  • Writer: Honey Drops for Every Soul
    Honey Drops for Every Soul
  • Aug 16, 2025
  • 2 min read

आत्मिक अमृत अध्ययनः 1 राजा 18ः 41-46



“हे अब्राहम, इसहाक और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! आज यह प्रगट कर कि इस्राएल में तू ही परमेश्वर है, और मैं तेरा दास हूँ, ” - 1 राजाओं 18ः36


एलिय्याह प्रार्थना करने वाला व्यक्ति था। याकूब 5ः17 कहता है, ‘‘उसने गिड़गिड़ाकर प्रार्थना की,‘‘ और वचन 18 कहता है, ‘‘फिर उसने प्रार्थना की ...‘‘ जब ईजेबेल ने प्रभु के नबियों को मार डाला और उनकी जगह बाल के झूठे पुजारियों को रख दिया, तो इस्राएल की भूमि पर अंधकार छा गया। हर दिन भूमि बुतपरस्त मंदिरों और मूर्तिपूजा अनुष्ठानों से दूषित हो गई। बाल की हजारों वेदियों से धुआँ निकल रहा था। प्रभु की महिमा भूमि से चली गई। इस महत्वपूर्ण समय पर, जब पूरी भूमि पीछे हट गई थी और अंधकार की घनी छतरी के नीचे थी, परमेश्वर ने एक आदमी को खड़ा किया - एक समिति नहीं, एक स्वर्गदूत नहीं, बल्कि हमारे जैसा एक आदमी! किस लिए? प्रार्थना करने के लिए! एलिय्याह एक प्रार्थना करने वाला व्यक्ति था। वह परमेश्वर के मन को जानता था। वह परमेश्वर के साथ रहता था। वह परमेश्वर की तरह पाप पर दुखी था। उसने हर तरह से परमेश्वर की आज्ञा का पालन किया। जब परमेश्वर ने उससे कहा, ‘‘केरीथ घाटी में छिप जा,‘‘ तो उसने ऐसा ही किया। जब उन्होंने बाद में कहा, “जाओ और अपने आप को अहाब के सामने पेश करो,” उसने ऐसा ही किया। माउंट कार्मेल में एलिय्याह की प्रार्थना 1 राजाओं 18ः 36, 37 में दर्ज है, जो संक्षिप्त प्रार्थना की एक उत्कृष्ट कृति थी। ई एम बाउंड्स ने सही कहा कि छोटी, शक्तिशाली, सार्वजनिक प्रार्थनाएँ लंबे गुप्त मध्यस्थता का परिणाम हैं। एलिय्याह ने मूर्तिपूजक पुजारियों के विनाश के लिए प्रार्थना नहीं की, विद्रोही इस्राएलियों के विनाश के लिए नहीं, बल्कि इसलिए कि परमेश्वर की महिमा और उनकी शक्ति प्रकट हो सके।


     प्यारे दोस्तों, क्या हमें एहसास नहीं है कि हमारी प्रार्थना कितनी कमजोर है! हम परमेश्वर को बताते हैं कि क्या करना है और कैसे करना है! संक्षेप में, हम प्रार्थना करने के अलावा सब कुछ करते हैं। परमेश्वर हमारे देश, जो अंधकार में डूबा हुआ है, उस में एक महान पुनरुद्धार लाने के लिए एलिय्याह की तलाश कर रहे हैं। क्या हम वो लोग होंगे जो उनके मन की बात जान सकें और उनकी इच्छानुसार प्रार्थना कर सकें?

प्रार्थनाः स्वर्गीय पिता, मेरा देश शैतान के बंधन में है और मेरे लोग पूर्ण अंधकार में हैं। मुझ पर प्रार्थना और विनती की आत्मा उंडेलें। मुझे आपके मन को जानने में मदद करें और एलिय्याह की तरह आपके वचन के अनुसार प्रार्थना करें ताकि आप हमारे देश में एक महान पुनरुत्थान भेज सकें। आमीन



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